Business · India Bureau
निफ्टी 19 गुना मूल्यांकन पर: सस्ता या महंगा?
निफ्टी के मौजूदा मूल्यांकन दीर्घकालीन निवेशकों के लिए आकर्षक दिख रहे हैं, लेकिन आने वाले महीनों में बाजार की दिशा कंपनियों की आय वृद्धि की स्पष्टता पर निर्भर करेगी।
LSN India ·
नई दिल्ली — भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 का वर्तमान मूल्यांकन निवेशकों के बीच बहस का विषय बना हुआ है। 19 गुना की पीई रेश्यो पर कारोबार कर रहा यह सूचकांक दीर्घावधि के निवेशकों के लिए तो आकर्षक लग रहा है, लेकिन समीक्षकों का मानना है कि इसके वास्तविक आकर्षण का अनुमान कंपनियों की आने वाली कमाई पर निर्भर करता है।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी के लिए मध्यकालीन संभावनाएं कॉर्पोरेट जगत की आय वृद्धि की दृश्यमानता यानी अर्निंग्स विजिबिलिटी से जुड़ी हैं। यदि कंपनियां आने वाली तिमाहियों में प्रत्याशित वृद्धि दर हासिल करने में सफल होती हैं, तो मौजूदा मूल्य स्तर न्यायसंगत ठहराए जा सकते हैं।
विदेशी संस्थागत निवेशक भी इसी कारक पर गहन निगरानी बनाए हुए हैं। वैश्विक निवेशकों के लिए भारतीय बाजार में आने वाली संभावनाएं भारतीय कंपनियों की लाभप्रदता में सुधार के संकेतों पर ही निर्भर करेंगी।
बाजार सूत्रों के अनुसार, अगली तिमाहियों में कमाई की गुणवत्ता और वृद्धि की गति ही निफ्टी के मूल्यांकन को न्यायसंगत ठहराएंगी या फिर किसी संशोधन का संकेत देंगी। निवेशकों को आने वाले कॉर्पोरेट परिणामों पर करीबी निगरानी रखनी होगी।