LSN News › India

Technology · India Bureau

चाय उत्पादन में क्रांति: एनआईटी राउरकेला, इसरो और चाय बोर्ड का साझा प्रयास

कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उपग्रह प्रौद्योगिकी का उपयोग करके चाय बागानों की निगरानी की नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। तीन वर्षीय चयनकन परियोजना से फसल का अनुमान और कीट नियंत्रण में सुधार आएगा।

LSN India · 6 September 2026

चाय उत्पादन में क्रांति: एनआईटी राउरकेला, इसरो और चाय बोर्ड का साझा प्रयास

राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान राउरकेला, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और भारतीय चाय बोर्ड ने चाय उद्योग में आधुनिक तकनीक लाने के लिए हाथ मिलाया है। इस सहयोग के तहत 'चयनकन' नामक परियोजना को तीन वर्षों में पूरा किया जाएगा जो भारतीय चाय क्षेत्र में तकनीकी क्रांति ला सकती है।

चयनकन परियोजना का मुख्य उद्देश्य उपग्रह चित्रण, ड्रोन निरीक्षण, जमीनी आंकड़े संग्रहण और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का समन्वित प्रयोग करके चाय बागानों की व्यापक निगरानी प्रणाली विकसित करना है। इस समन्वित दृष्टिकोण से चाय उत्पादकों को अपनी बागों की वास्तविक स्थिति को समझने और बेहतर निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।

इस परियोजना के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग करके चाय की पैदावार का सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा तथा कीटों के प्रकोप की पूर्वसूचना दी जा सकेगी। ड्रोन तकनीक से बागानों की स्वास्थ्य स्थिति की निरंतर जांच संभव होगी और समय पर कार्रवाई की जा सकेगी।

यह सहयोगी प्रयास भारतीय चाय उद्योग को प्रतिस्पर्धी बाजार में मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही, यह परियोजना देश के कृषि क्षेत्र में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के व्यावहारिक अनुप्रयोग का एक सफल उदाहरण बन सकती है।