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एनएमसी हेल्थकेयर संस्थापक बी आर शेट्टी ने बैंक ऑफ बड़ौदा के खिलाफ 15 अरब डॉलर का दावा दायर किया
शेट्टी का आरोप है कि बैंक ऑफ बड़ौदा और एनएमसी के पूर्व कार्यकारियों ने धन के अवैध हस्तांतरण को सक्षम बनाया और देनदारियों को छुपाया। शेट्टी के खिलाफ नकली हस्ताक्षर वाले गारंटी दावों का भी आरोप है।
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एनएमसी हेल्थकेयर के संस्थापक बी आर शेट्टी ने बैंक ऑफ बड़ौदा के विरुद्ध 15 अरब डॉलर का मुआवजा दावा दायर किया है। शेट्टी का कथन है कि बैंक और कंपनी के पूर्व अधिकारियों ने मिलकर निधि के अनुचित हस्तांतरण में सहायता प्रदान की है।
शेट्टी के आरोपों में यह भी शामिल है कि बैंक ने कंपनी की वास्तविक वित्तीय देनदारियों को गोपनीय रखा। इसके अलावा, उन पर नकली हस्ताक्षर वाली गारंटी दस्तावेजों के संबंध में कानूनी कार्रवाई की गई, जिसका वह विरोध करते हैं।
यह विवाद एनएमसी हेल्थकेयर की व्यापक आर्थिक चुनौतियों के बीच सामने आया है। शेट्टी का दावा है कि बैंक की भूमिका कंपनी के संकट को गहरा करने में महत्वपूर्ण रही है।
यह मामला भारत में कॉर्पोरेट शासन और बैंकिंग जवाबदेही से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उठाता है। शेट्टी का यह कदम एनएमसी घोटाले की जांच में एक नया आयाम जोड़ता है, जो पिछले वर्षों में विभिन्न नियामक एजेंसियों के ध्यान में रहा है।