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एनएमडीसी ने छत्तीसगढ़ में 5,427 करोड़ की लौह अयस्क प्रकल्प का उद्घाटन किया
राष्ट्रीय खनिज विकास निगम ने छत्तीसगढ़ में अपनी एकीकृत लौह अयस्क प्रसंस्करण परियोजना का संचालन शुरू किया है। इस परियोजना में बाछेली में प्रसंस्करण संयंत्र, 135 किलोमीटर की स्लरी पाइपलाइन और नागार्जुनसागर में पेलेट संयंत्र शामिल है।
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राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) ने छत्तीसगढ़ में अपनी प्रमुख लौह अयस्क प्रकल्प का संचालन शुरू कर दिया है। इस एकीकृत परियोजना में 5,427 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है और यह देश के लौह अयस्क प्रसंस्करण क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह परियोजना तीन प्रमुख घटकों से मिलकर बनी है। पहला, बाछेली में स्थापित एक अत्याधुनिक लौह अयस्क प्रसंस्करण संयंत्र है जो कच्चे अयस्क को तैयार करेगा। दूसरा, एक 135 किलोमीटर लंबी स्लरी पाइपलाइन है जो प्रसंस्कृत अयस्क को नागार्जुनसागर तक ले जाएगी। तीसरा, नागार्जुनसागर में स्थापित 2 मिलियन टन प्रति वर्ष की क्षमता वाला पेलेट संयंत्र है।
पेलेट्स लौह अयस्क का एक मूल्य वर्धित उत्पाद हैं जिनका उपयोग इस्पात उत्पादन में व्यापक रूप से होता है। यह परियोजना एनएमडीसी को देश के प्रमुख पेलेट निर्माताओं में से एक के रूप में स्थापित करेगी और घरेलू इस्पात उद्योग की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगी।
यह परियोजना छत्तीसगढ़ में आर्थिक विकास को बढ़ावा देने और क्षेत्र में रोजगार सृजन करने में भी योगदान देगी। परियोजना के संचालन से स्थानीय समुदाय को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरीकों से लाभ मिलने की उम्मीद है।