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तेल कीमतों में उछाल के बावजूद Nomura को तेल कंपनियों पर भरोसा
निवेश बैंक नोमुरा ने अपनी माध्यम से दीर्घकालीन तेल निराशावादी दृष्टिकोण बरकरार रखते हुए भारतीय तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में निवेश की सलाह दी है। बैंक का मानना है कि 2027 तक वैश्विक तेल की भारी अधिशेष स्थिति बन सकती है।
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निवेश अनुसंधान फर्म नोमुरा ने कहा है कि वर्तमान में कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद वह भारतीय तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए हुए है। अपनी नवीनतम रिपोर्ट में नोमुरा ने भारतीय तेल निगम (आईओसी) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) को तेल क्षेत्र में पसंदीदा शेयर के रूप में चिन्हित किया है।
हालांकि, निवेश बैंक ने माध्यम से दीर्घकालीन अवधि में कच्चे तेल की कीमतों के बारे में एक नकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया है। नोमुरा के विश्लेषकों के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के पूर्वानुमानों के आधार पर 2027 तक विश्व बाजार में तेल की सबसे बड़ी अधिशेष स्थिति उत्पन्न हो सकती है। यह स्थिति आने वाले वर्षों में तेल की कीमतों पर दबाव डाल सकती है।
इसके बावजूद, नोमुरा का तर्क है कि भारतीय तेल विपणन कंपनियां इस चुनौतीपूर्ण परिवेश में भी मजबूत प्रदर्शन कर सकती हैं। बैंक के विश्लेषण से संकेत मिलता है कि आईओसी और बीपीसीएल की मजबूत परिचालन क्षमता और बाजार की स्थिति उन्हें मूल्य दबाव से निपटने में सहायता दे सकती है।
नोमुरा की यह सिफारिश निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण है जो तेल क्षेत्र में निवेश करने पर विचार कर रहे हैं, विशेषकर दीर्घकालीन बाजार गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए।