LSN News › India

Culture & Entertainment · India Bureau

शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में उलझाना, प्राथमिक दायित्व प्रभावित

शिक्षकों को स्कूलों और कॉलेजों में सौंपे गए विविध गैर-शैक्षणिक कार्य उनकी मूल जिम्मेदारी से ध्यान हटा रहे हैं। नवीनतम एसआईआर जैसे कार्यक्रमों सहित ये अतिरिक्त भार कक्षा-केंद्रित शिक्षण को कमजोर कर रहे हैं।

LSN India · 4 September 2026

शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों में उलझाना, प्राथमिक दायित्व प्रभावित

देशभर के शिक्षण संस्थानों में एक गंभीर समस्या उजागर हुई है, जहां अध्यापकों को उनके मुख्य कार्य यानी पढ़ाई से अलग रखने वाले गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ बढ़ता जा रहा है। स्कूलों और कॉलेजों में प्रशासनिक, सर्वेक्षण और अन्य विविध कार्य सौंपे जाने से शिक्षकों की उपलब्धता और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता प्रभावित हो रही है।

हाल ही में प्रारंभ किए गए एसआईआर जैसे कार्यक्रमों के अंतर्गत यह समस्या और गंभीर हो गई है। शिक्षकों को इन कार्यों में लगाया जा रहा है, जिससे वे अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी पर ध्यान नहीं दे पाते हैं। परिणामस्वरूप, छात्रों के शिक्षण-प्रशिक्षण के समय में कमी आ रही है।

शिक्षा विशेषज्ञ और शिक्षक संगठन इस प्रवृत्ति को चिंताजनक मानते हैं। वे तर्क देते हैं कि शिक्षकों को उनके मुख्य कार्य से विचलित करना शिक्षा की गुणवत्ता को प्रभावित करता है। संस्थानों में प्रशासनिक कार्यों को संभालने के लिए पृथक कर्मचारी होने चाहिए, न कि शिक्षकों को इसमें लगाया जाना चाहिए।

इस मुद्दे के समाधान के लिए शिक्षा नीति निर्माताओं से अपेक्षा की जा रही है कि वे शिक्षकों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट करें और गैर-शैक्षणिक कार्यों को अलग विभाग को सौंपने की व्यवस्था करें।