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नॉर्वे में डेटा सेंटर्स को ठंडा करने के लिए फजोर्ड का पानी इस्तेमाल हो रहा है
नॉर्वे में स्थित डेटा सेंटर प्राकृतिक तरीकों से सर्वर्स को ठंडा करने के लिए फजोर्ड के ठंडे पानी का उपयोग कर रहे हैं। यह पर्यावरण-अनुकूल तरीका सर्वर कूलिंग में ऊर्जा खपत को महत्वपूर्ण रूप से कम करता है।
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नॉर्वे में संचालित डेटा सेंटर्स ने सर्वर्स को ठंडा करने के लिए एक अभिनव पद्धति अपनाई है जो प्राकृतिक संसाधनों का लाभ उठाती है। ग्रीन माउंटेन नामक कंपनी इस तकनीक का उपयोग कर रही है, जिसमें फजोर्ड का ठंडा पानी हीट एक्सचेंजर के माध्यम से उपकरणों को ठंडा करता है।
कंपनी के एक संचालन केंद्र में 8 डिग्री सेल्सियस का फजोर्ड का जल सीधे सर्वर कूलिंग प्रणाली में उपयोग किया जाता है। इस विधि से ऊर्जा खपत में काफी कमी आई है और डेटा सेंटर की समग्र दक्षता में सुधार हुआ है।
इसके अलावा, कंपनी के एक अन्य सुविधा में बाहरी हवा को सीधे कूलिंग के लिए नियोजित किया जाता है। इस केंद्र में प्रति वर्ष 330 दिनों तक बिना किसी अतिरिक्त ऊर्जा की खपत के मुक्त शीतलन उपलब्ध रहता है।
ये प्राकृतिक कूलिंग विधियां न केवल परिचालन लागत को घटाती हैं बल्कि डेटा सेंटर्स की कार्बन फुटप्रिंट को भी कम करती हैं। बढ़ती डिजिटल मांग के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।