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अप्रैल-अगस्त में एनआरआई जमा में विस्फोटक वृद्धि, 121.94 अरब डॉलर का रिकॉर्ड

भारतीय रिज़र्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली पाँच महीनों में विदेशी मुद्रा जमा में भारी इजाफा दर्ज हुआ है। आरबीआई की रियायती स्वैप सुविधा के कारण विदेशी मुद्रा गैर-निवासी जमा में तेजी से वृद्धि हुई है।

LSN India · 23 October 2026

अप्रैल-अगस्त में एनआरआई जमा में विस्फोटक वृद्धि, 121.94 अरब डॉलर का रिकॉर्ड

भारतीय रिज़र्व बैंक की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल से अगस्त 2024-25 की अवधि में अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के जमा में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। इस पाँच महीने की अवधि में कुल 121.94 अरब डॉलर का जमा प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले महत्वपूर्ण वृद्धि दर्शाता है।

यह तेजी मुख्यतः विदेशी मुद्रा गैर-निवासी (बी) अर्थात् एफसीएनआर(बी) खातों में जमा की वजह से संभव हुई है। गत वर्ष की समान अवधि में जहाँ केवल 5.6 अरब डॉलर का जमा आया था, वहीं इस बार का आंकड़ा इसका लगभग 21 गुणा अधिक है। यह अभूतपूर्व वृद्धि भारतीय मौद्रिक नीति के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है।

आरबीआई द्वारा शुरू की गई रियायती स्वैप सुविधा एनआरआई जमा में इस वृद्धि का मुख्य कारण बनी है। इस सुविधा के माध्यम से विदेशी निवेशकों को भारतीय रुपये में जमा करने के लिए आकर्षक शर्तें प्रदान की गई हैं, जिससे विदेशों से पूँजी का प्रवाह बढ़ा है।

विश्लेषकों के अनुसार, यह बड़ा पूँजी प्रवाह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है। एनआरआई जमा में यह वृद्धि भारत के प्रति अनिवासी भारतीयों और विदेशी निवेशकों के विश्वास को प्रदर्शित करती है तथा देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने में सहायक हो रही है।