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भारत में परमाणु ऊर्जा की ऊंची लागत अपनाने में बाधा बन सकती है
नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी रिन्यू के प्रमुख सुमंत सिन्हा ने कहा है कि भारत में परमाणु शक्ति की अधिक लागत इसके व्यापक उपयोग को सीमित कर सकती है। उन्होंने ग्रिड विस्तार, ऊर्जा भंडारण और घरेलू आपूर्ति श्रृंखला विकास की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
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भारत की ऊर्जा नीति पर विचार करते समय परमाणु शक्ति के आर्थिक पहलुओं को गंभीरता से लेना होगा। रिन्यू पावर के अध्यक्ष सुमंत सिन्हा के अनुसार परमाणु ऊर्जा संयंत्रों की निर्माण और संचालन लागत देश में इस प्रौद्योगिकी को व्यापक पैमाने पर अपनाने में प्रमुख बाधा के रूप में कार्य कर रही है।
सिन्हा ने राष्ट्रीय ऊर्जा क्षेत्र की मजबूती के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया है। उनके अनुसार विद्युत वितरण नेटवर्क का विस्तार, उन्नत ऊर्जा भंडारण प्रणालियों का विकास और देशीय आपूर्ति श्रृंखला का सुदृढ़ीकरण भारत की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत की बिजली खपत बढ़ती जा रही है और सरकार नवीकरणीय और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों का संतुलित मिश्रण तैयार करना चाहती है। इस संदर्भ में परमाणु ऊर्जा के वित्तीय पहलू पर गंभीर विचार-विमर्श की आवश्यकता है ताकि सबसे व्यावहारिक और किफायती समाधान अपनाए जा सकें।
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु, सौर, पवन और जलविद्युत जैसे विभिन्न स्रोतों का समन्वित उपयोग भारत को टिकाऊ और विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति की ओर ले जा सकता है।