World · India Bureau
नुमालीगढ़ रिफाइनरी का विस्तार: पूर्व और उत्तरपूर्व में नया दबदबा
ऑयल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड को हाल ही में महारत्न का दर्जा मिला है। कंपनी मार्च 2027 तक अपनी 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष की विस्तार परियोजना को क्रियाशील करने की तैयारी में है।
LSN India ·

नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड पूर्वी और उत्तरपूर्वी भारत में अपनी उपस्थिति मजबूत करने के लिए आक्रामक विस्तार योजना पर आगे बढ़ रही है। असम में स्थित यह रिफाइनरी, जो अब महारत्न का दर्जा प्राप्त कर चुकी है, आने वाले वर्षों में क्षेत्र के तेल शोधन उद्योग का एक प्रमुख खिलाड़ी बनने की ओर अग्रसर है।
कंपनी की विस्तार योजना के तहत 9 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष की क्षमता जोड़ी जा रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मार्च 2027 तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे रिफाइनरी की कुल प्रसंस्करण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
यह विस्तार परियोजना पूर्वी भारत में पेट्रोलियम उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए रणनीतिक महत्व रखती है। नुमालीगढ़ रिफाइनरी का उन्नत बुनियादी ढांचा और तकनीकी क्षमता इसे क्षेत्र में एक प्रतিस्पर्धी केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
ऑयल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनी के रूप में नुमालीगढ़ रिफाइनरी पिछले दशकों से क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नई परियोजना न केवल राष्ट्रीय ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगी, बल्कि स्थानीय रोजगार सृजन और आर्थिक विकास में भी योगदान देगी।