Politics · India Bureau
कोटिया विवाद में ओडिशा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, आंध्र प्रदेश पर दबाव
कोटिया ग्राम पंचायत के 21 गांवों पर आंध्र प्रदेश के दावे को चुनौती देते हुए ओडिशा ने सर्वोच्च न्यायालय से मदद मांगी है। दोनों राज्यों के बीच यह सीमा विवाद दशकों से लंबित है।
LSN India ·

ओडिशा ने आंध्र प्रदेश की ग्रामीण निर्वाचन सूचना को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। विवाद कोटिया ग्राम पंचायत के 21 गांवों पर आंध्र प्रदेश के अवैध दावे से संबंधित है। हालांकि कोटिया पंचायत के सभी 28 गांव भौगोलिक रूप से ओडिशा की सीमा में स्थित हैं, किंतु आंध्र प्रदेश इन 21 गांवों पर अपना अधिकार जताता रहा है।
इस विवाद का इतिहास काफी पुराना है। ओडिशा ने सर्वप्रथम 1968 में ही सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को दर्ज करवाया था। न्यायालय ने 2006 में दोनों राज्यों को मौजूदा स्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया था। तब से यह मामला विभिन्न चरणों में लंबित है।
ओडिशा का तर्क है कि आंध्र प्रदेश द्वारा कोटिया क्षेत्र में ग्रामीण निकाय चुनावों की घोषणा राज्य की क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन है। राज्य सरकार का मानना है कि यह कदम सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों के विरुद्ध है। ओडिशा के कानूनी दल इस मामले में अपनी मजबूत दलीलें प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहा है।
यह विवाद दक्षिण भारत में सीमा संबंधी विवादों के एक व्यापक पैटर्न का हिस्सा है। महाराष्ट्र-कर्नाटक, तमिलनाडु-कर्नाटक और तेलंगाना-आंध्र प्रदेश जैसे कई अन्य राज्यों के बीच भी समान विवाद लंबित हैं।