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वेदांता की याचिका खारिज, ओडिशा हाई कोर्ट ने 2004 के बॉक्साइट समझौते को अस्वीकार किया
ओडिशा उच्च न्यायालय ने वेदांता रिसोर्सेज की याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें कंपनी 2004 के बॉक्साइट आपूर्ति समझौते को लागू कराना चाहती थी। अदालत ने माना कि सरकार को प्राकृतिक संसाधनों पर जनहित के विरुद्ध कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध नहीं किया जा सकता।
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ओडिशा उच्च न्यायालय ने वेदांता रिसोर्सेज द्वारा दायर एक महत्वपूर्ण याचिका को खारिज कर दिया है। कंपनी वर्ष 2004 में हस्ताक्षरित बॉक्साइट आपूर्ति समझौते को लागू कराने की मांग कर रही थी, लेकिन न्यायालय ने इस पर विचार करते हुए माना कि यह मांग खनन कानून के विरुद्ध है।
न्यायालय के फैसले में कहा गया है कि प्रतिज्ञात प्रतिरोध (प्रॉमिसरी एस्टोपेल) का सिद्धांत राज्य को खनन कानून के खिलाफ जाने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि जनता के हित में रखे गए प्राकृतिक संसाधनों पर कोई व्यावसायिक अधिकार वर्तमान कानूनी व्यवस्था के तहत प्रवर्तनीय नहीं हो सकता।
यह निर्णय खनन और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांतों को रेखांकित करता है। अदालत का मानना है कि राज्य सरकार को किसी भी व्यक्तिगत या व्यावसायिक हित को जनहित से ऊपर नहीं रखा जा सकता। यह फैसला सार्वजनिक संपत्ति के संरक्षण के मामले में एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित करता है।