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ओडिशा को नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार में 1.1 ट्रिलियन रुपये निवेश की जरूरत
ओडिशा को 2035-36 तक अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में भारी विस्तार की आवश्यकता है। राज्य को 10.7 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता जोड़नी होगी साथ ही भंडारण और ट्रांसमिशन नेटवर्क में भी निवेश करना होगा।
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ऊर्जा क्षेत्र के विश्लेषकों के अनुसार ओडिशा को अगले दशक में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को सशक्त करने के लिए लगभग 1.1 ट्रिलियन रुपये का निवेश करना होगा। यह महत्वाकांक्षी योजना पूर्वी भारत में स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राज्य को 2035-36 के अंत तक अपनी नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में 10.7 गीगावाट की वृद्धि करनी होगी। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश बढ़ाना आवश्यक है। इसके अलावा राज्य को अपने ऊर्जा भंडारण बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करना होगा।
ऊर्जा भंडारण प्रणाली विशेषकर पंप स्टोरेज और बैटरी स्टोरेज सुविधाएं इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये प्रणालियां बिजली की अस्थिर आपूर्ति को नियंत्रित करने में मदद करेंगी और ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करेंगी।
इसके साथ ही ट्रांसमिशन नेटवर्क में भी बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण की आवश्यकता है। अपग्रेड किया गया पारेषण बुनियादी ढांचा नवीकरणीय ऊर्जा को कुशलतापूर्वक वितरित करने में सक्षम होगा। यह निवेश ओडिशा को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ाएगा।