Business · India Bureau
कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर पर, तेल कंपनियों के शेयर में गिरावट नहीं
कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बाद भी भारतीय तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट नहीं आ रही है। विश्लेषकों के अनुसार, पहले से ही भारी नुकसान झेल चुकी ये कंपनियां अब निवेशकों को घबराहट का कारण नहीं बना रहीं।
LSN India ·

कच्चे तेल की कीमत में तेजी के बावजूद भारतीय तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के शेयर बाजार में उतनी तेजी से गिरावट का सामना नहीं कर रहे हैं जितना की उम्मीद की जा सकती थी। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इसका मुख्य कारण यह है कि ये कंपनियां पहले ही काफी नुकसान झेल चुकी हैं।
तेल विपणन क्षेत्र में विशेषज्ञ इस बात को इंगित करते हैं कि निवेशक अब पहले के समान घबराहट में नहीं आ रहे हैं। शेयर बाजार के पिछले आंदोलनों में ओएमसी स्टॉक काफी दबाव में आ चुके हैं, जिससे निवेशकों की प्रत्याशाएं पहले से ही कम हो गई हैं। तेल की कीमत में वृद्धि के इस चक्र में बाजार प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत नियंत्रित रह रही है।
तेल की कीमतें जब बढ़ती हैं तो तेल विपणन कंपनियों के लिए मुनाफे की मार्जिन में कमी आती है क्योंकि उन्हें अधिक महंगे तेल को नियंत्रित मूल्य पर बेचना पड़ता है। हालांकि, पिछली अवधि में इन कंपनियों के शेयरों में पहले ही काफी सुधार हो चुका है, जिससे वर्तमान वृद्धि का असर कम प्रतीत हो रहा है।
बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि निवेशकों के मन में पहले से ही नकारात्मक भाव बैठ गए हैं और वे अब और गिरावट की प्रत्याशा में हैं। इसी कारण कच्चे तेल की कीमत में वर्तमान वृद्धि के बाद भी ओएमसी शेयरों में तेजी से पतन नहीं देखा जा रहा है।