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ईरान संकट छः महीने में तेल की कीमतें सबसे बुरी स्थिति से बचीं
ईरान के साथ संघर्ष के छः महीने बाद भी तेल की कीमतें विश्लेषकों की भयावह भविष्यवाणियों से कम रहीं। विशेषज्ञ मानते हैं कि इसके पीछे चीन की ऊर्जा रणनीति का महत्वपूर्ण योगदान है।
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जब राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने फरवरी के अंत में ईरान के विरुद्ध सैन्य कार्रवाई शुरू की, तो ऊर्जा विश्लेषकों ने आशंका व्यक्त की कि तेल की कीमतें दोगुनी हो सकती हैं। हालांकि, छः महीने बाद भी सबसे भयावह परिदृश्य सामने नहीं आया है। तेल की कीमतें अस्थिर बनी हुई हैं, लेकिन विस्तारित संघर्ष के दौरान विशेषज्ञों द्वारा दी गई सबसे निराशावादी भविष्यवाणियां पूरी नहीं हुई हैं।
ऊर्जा बाजारों में स्थिरता बनाए रखने में चीन की भूमिका महत्वपूर्ण साबित हुई है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले सप्ताह वाशिंगटन की अपनी प्रत्याशित यात्रा के दौरान यह तर्क दे सकते हैं कि विश्व के तेल बाजार में चीन की सुरक्षा रणनीति ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर मतदाताओं का दबाव सहना पड़ रहा है। इसी बीच, मध्य पूर्व में संघर्ष का विस्तार चीन के ऊर्जा बफर को और अधिक परीक्षण में डाल रहा है। ट्रम्प ने बीजिंग के साथ नाजुक व्यापार समझौते को बनाए रखने की कोशिश की है और इसी कारण ईरान संकट पर अपनी टिप्पणियों में सावधानी बरती है।