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तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया की स्थिति शेयर बाजार को दिशा दे सकती है

भारतीय शेयर बाजार इस हफ्ते कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक बांड यील्ड और भू-राजनीतिक विकास से प्रभावित हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हस्ताक्षरित नए कानून से भारत सहित कई देशों को टैरिफ संबंधी जोखिम का सामना करना पड़ सकता है।

LSN India · 20 September 2026

तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया की स्थिति शेयर बाजार को दिशा दे सकती है

इस सप्ताह भारतीय इक्विटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतें, वैश्विक बांड यील्ड और भू-राजनीतिक विकास मुख्य चालक रहेंगे। विश्लेषकों के अनुसार, निवेशक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा हस्ताक्षरित रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम के प्रभावों को लेकर सतर्क हैं। इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की ट्रेडिंग गतिविधि और वैश्विक बाजारों के रुझान भी पर्यवेक्षण में रहेंगे।

ट्रम्प प्रशासन को दिए गए नए अधिकारों के तहत रूसी तेल और गैस के प्रमुख खरीदारों के आयात पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की शक्ति मिली है। भारत रूसी कच्चे तेल की अपनी महत्वपूर्ण खरीद के कारण इस नीति से संभावित रूप से प्रभावित देशों में शामिल है।

ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के सीईओ पोन्मुडी आर के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार व्यापार मोर्चे पर एक नए स्रोत के जोखिम का सामना कर रहा है। यह अनिश्चितता न केवल कच्चे तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकती है, बल्कि भारत की आर्थिक नीति को भी चुनौती दे सकती है।

चूंकि भारतीय अर्थव्यवस्था आयातित ऊर्जा संसाधनों पर निर्भर है, इसलिए आने वाले दिनों में बाजार सहभागियों का ध्यान इन भू-राजनीतिक और व्यापार संबंधी विकास पर केंद्रित रहेगा।