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फ्लाईदुबई में कॉकपिट हमला: ओमानी पायलट का चरमपंथ से जुड़ाव
फ्लाईदुबई के ओमानी सह-पायलट ने सितंबर में भारतीय कैप्टन पर कॉकपिट में हमला कर विमान का नियंत्रण लेने का प्रयास किया। जांच रिपोर्ट में पता चला कि इस पायलट को पहले ही ओमान एयरवेज ने चरमपंथी विचारों के कारण उड़ान भरने से निलंबित कर दिया था।
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फ्लाईदुबई के ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हमामी ने 30 सितंबर को कॉकपिट में भारतीय कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर विमान पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की थी। घटना के बाद की जांच में यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि अल-हमामी को पहले से ही ओमान एयरवेज द्वारा चरमपंथी विचारधारा और संदिग्ध सामग्री से जुड़ी चिंताओं के कारण उड़ान भरने की अनुमति से वंचित कर दिया गया था।
यह घटना विमान सुरक्षा प्रणाली में एक गंभीर खामी को उजागर करती है, जहां एक एयरलाइन द्वारा अक्षम घोषित पायलट को दूसरी एयरलाइन में कार्य करने का मौका मिल गया। अल-हमामी को ओमान एयरवेज में निलंबित किए जाने के बाद भी वह फ्लाईदुबई में सह-पायलट के रूप में नियुक्त हो सके।
अंतरराष्ट्रीय विमान सुरक्षा नियमों के तहत एक एयरलाइन द्वारा किसी पायलट को व्यवहार या विचारधारा संबंधी कारणों से हटाए जाने की जानकारी अन्य विमान कंपनियों को प्रदान की जानी चाहिए। यह घटना इस प्रणाली में व्यापक सुधार की आवश्यकता को रेखांकित करती है।
कॉकपिट हमले की घटना के बाद दोनों एयरलाइनों और संबंधित नियामक निकायों ने विमान कर्मचारियों की जांच प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के लिए समीक्षा शुरू की है। विशेषज्ञों का मानना है कि पायलटों की भर्ती के समय अधिक कठोर मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन और अंतर्राष्ट्रीय सूचना साझा करने की प्रणाली अपरिहार्य है।