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चेन्नई की सड़कों से गायब हुई पीली-काली टैक्सियों का दौर
1960 और 1970 के दशक में चेन्नई की सड़कों पर पीली-काली टैक्सियों का जमावड़ा था। लेकिन डिजिटल सेवाओं और ऑनलाइन ऐप्स के आने से यह परिवहन माध्यम धीरे-धीरे विलुप्त हो गया। आज शहर में मात्र 304 ऐसी टैक्सियां बची हैं।
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चेन्नई की परिवहन व्यवस्था के इतिहास में पीली-काली रंग की टैक्सियों का एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। 1960 और 1970 के दशक में ये टैक्सियां शहर की सड़कों पर एक परिचित दृश्य थीं, हालांकि वे अपने समकालीन परिवहन साधनों जितनी व्यापक नहीं थीं। इन पीली-काली टैक्सियों की सबसे प्रमुख मौजूदगी हवाई अड्डे पर प्री-पेड टैक्सी सेवा के रूप में देखी जाती थी।
दशकों तक शहर की परिवहन व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा रहने वाली यह सेवा 1990 के दशक के बाद धीरे-धीरे पीछे छूट गई। फोन पर बुलाने वाली टैक्सियों और बाद में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के आगमन से पारंपरिक पीली टैक्सियों की मांग में कमी आई। ये आधुनिक सेवाएं ग्राहकों को सुविधा, पारदर्शिता और तकनीकी लाभ प्रदान करती थीं।
2023 तक आते-आते यह परिवहन साधन लगभग अप्रासंगिक हो गया। वर्तमान में शहर में केवल 304 पीली-काली टैक्सियां ही सक्रिय हैं, जो एक बार इन सड़कों पर दिखने वाली बहुतायत से कहीं कम है। यह संख्या उस बड़े बदलाव को दर्शाती है जो शहरी परिवहन क्षेत्र में आया है।