World · India Bureau
एक अराजकता, सौ बीमार: स्वास्थ्य व्यवस्था में विफलता का संकट
देश के विभिन्न हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाओं की अव्यवस्था से सार्वजनिक स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बढ़ रहा है। चिकित्सा सुविधाओं की कमी और प्रशासनिक लापरवाही से रोगियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
LSN India ·

देश के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई अवस्था में पहुंच गई हैं। चिकित्सा सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक विफलता के कारण हजारों रोगी प्रतिदिन सड़कों पर भटकते नजर आ रहे हैं। सरकारी अस्पतालों में बिस्तरों की कमी, दवाइयों की अनुपलब्धता और योग्य चिकित्सकों की कमी ने स्थिति को और विकट बना दिया है।
ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति और भी गंभीर है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिससे सामान्य बीमारियों के इलाज के लिए भी मरीजों को दूर-दराज अस्पतालों जाना पड़ता है। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं विशेष रूप से प्रभावित हुई हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान संकट दीर्घकालीन उपेक्षा और अपर्याप्त बजट आवंटन का परिणाम है। संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है, और कुपोषण से जुड़ी समस्याएं भी तेजी से विस्तार ले रही हैं। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवाओं में तुरंत सुधार की मांग की है ताकि लाखों नागरिकों के जीवन को बचाया जा सके।