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जन धन योजना के हर चौथे खाते निष्क्रिय, 5.72 करोड़ में शून्य शेष
प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत देशभर में 59 करोड़ से अधिक खाते हैं, लेकिन सूचना के अधिकार के जवाब में पता चला कि इनमें से हर चौथा खाता निष्क्रिय है। आरटीआई आवेदन के अनुसार 5.72 करोड़ खातों में शून्य शेष है।
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वित्तीय सेवा विभाग ने सूचना के अधिकार आवेदन का जवाब देते हुए बताया कि 12 अगस्त 2026 तक जन धन योजना के तहत 59 करोड़ 3 लाख 74 हजार 907 खाते देश भर में खुले हुए हैं। इन सभी खातों में कुल 3 लाख 15 हजार 179 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि जमा है।
विभाग के आंकड़ों से पता चलता है कि कुल खातों में से 32 करोड़ 89 लाख महिलाओं के नाम पर हैं, जिनमें ट्रांसजेंडर खाताधारक भी शामिल हैं। वहीं 26 करोड़ 14 लाख खाते पुरुषों के नाम पर हैं। शेष खाते संयुक्त नाम पर खुले हुए हैं।
एक चिंताजनक बात यह है कि कुल खातों में से 5 करोड़ 72 लाख 35 हजार 490 खातों में शून्य शेष है, जबकि 15 करोड़ 36 लाख 77 हजार 9 खाते पूरी तरह से निष्क्रिय हैं। इसका मतलब है कि लगभग 26 प्रतिशत खाते किसी भी प्रकार की गतिविधि दर्ज नहीं कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री जन धन योजना को अगस्त 2014 में वित्तीय समावेशन के राष्ट्रीय अभियान के रूप में लॉन्च किया गया था। इसका उद्देश्य देश के सभी परिवारों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ना और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। हालांकि, इस आरटीआई जवाब से योजना की कार्यान्वयन में चुनौतियों का संकेत मिल रहा है, खासकर खातों के उपयोग के संदर्भ में।