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अमेरिकी किशोर का गेमिंग से आतंकवाद समर्थन तक का सफर
डैनिएल फिशर नाम के एक अमेरिकी किशोर को ऑनलाइन गेमिंग के माध्यम से आतंकवादी संगठन आईएस के समर्थक में तब्दील किया गया। यह मामला इंटरनेट पर युवाओं के रेडिकलाइजेशन के बढ़ते खतरे को उजागर करता है।
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संयुक्त राज्य अमेरिका में एक किशोर डैनिएल फिशर के रेडिकलाइजेशन का मामला साइबर स्पेस में आतंकवादी संगठनों की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है। फिशर शुरुआत में एक सामान्य गेमर था जो ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्मों पर सक्रिय रहता था। धीरे-धीरे इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से वह उन लोगों के संपर्क में आया जो आतंकवादी विचारधारा को बढ़ावा देते थे।
ग्लोबल आतंकवादी नेटवर्क ने गेमिंग और सोशल मीडिया जैसे आम प्लेटफॉर्मों का उपयोग करके युवाओं को अपनी विचारधारा की ओर आकर्षित करने की रणनीति विकसित की है। फिशर के मामले में, विभिन्न ऑनलाइन चैनलों के माध्यम से उसे धीरे-धीरे आतंकवादी विचारों से परिचित कराया गया और वह इस्लामिक स्टेट के प्रति समर्थन दिखाने लगा।
सुरक्षा विशेषज्ञ इस घटना को डिजिटल युग में युवाओं के लिए आने वाले खतरों की चेतावनी के रूप में देखते हैं। अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों की निगरानी करने और उन्हें अत्यंतवादी सामग्री के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। विभिन्न देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां इस तरह के रेडिकलाइजेशन मामलों को रोकने के लिए ऑनलाइन मंचों की निगरानी में वृद्धि कर रही हैं।