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नई खनन नीति के खिलाफ विपक्ष ने 29 सितंबर को ओडिशा विधानसभा का किया घेराव
भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की खनन नीति के खिलाफ विपक्षी दलों ने आंदोलन की घोषणा की है। ओडिशा जैसे खनिज संपन्न राज्यों को लाखों करोड़ रुपये की राजस्व हानि होने का आरोप है।
LSN India ·

विपक्षी दलों का कहना है कि केंद्र सरकार की नई खनन नीति से खनिज संपन्न राज्यों को भारी आर्थिक नुकसान होगा। ओडिशा समेत ऐसे राज्यों को पहले से बकाया कर, उपकर और अन्य भुगतान की रिकवरी से वंचित किया जा रहा है, जिससे लाखों करोड़ रुपये की राजस्व हानि हो रही है।
इंडिया गठबंधन के दलों ने 29 सितंबर को ओडिशा विधानसभा का घेराव करने की घोषणा की है। यह कार्रवाई केंद्र सरकार की खनन नीति के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन के रूप में की जाएगी।
विपक्षी नेताओं का तर्क है कि यह नीति राज्यों को खनन क्षेत्र से मिलने वाली आय को सीमित कर रही है। प्राकृतिक संसाधनों से आने वाली इस आय को राज्य विकास कार्यों में लगाते हैं, लेकिन केंद्र सरकार की कार्रवाई से इस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
यह विरोध प्रदर्शन भारत के खनिज क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच लंबे समय से चली आ रही नीतिगत असहमति को दर्शाता है। राज्य सरकारें आमतौर पर प्राकृतिक संसाधनों पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की मांग करती हैं।