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जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाना 'अस्वीकार्य': सीजेपी
दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर को प्रदर्शन के लिए अधिकृत स्थल से हटाते हुए तीन नए स्थानों को नामित किया है। इस कदम के विरोध में सीजेपी का कहना है कि यह निर्णय लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
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दिल्ली। कॉकरोच जंता पार्टी (सीजेपी) के सह-संयोजक सौरव दास ने सोमवार को जंतर मंतर को प्रदर्शन स्थल से हटाने के सरकारी फैसले को "अस्वीकार्य" बताया है। दास का कहना है कि उनका संगठन इस "मनमाने फैसले" को स्वीकार नहीं करता।
दिल्ली पुलिस की एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार जंतर मंतर को प्रदर्शन के लिए एक अधिकृत स्थल के रूप में हटाया गया है और इसके बजाय तीन नए स्थानों को प्रदर्शन आयोजित करने के लिए नामित किया गया है। दास ने यह सवाल उठाया है कि क्या गृह मंत्रालय ने भारतीय जनता, हितधारकों या संगठनों से इस बारे में परामर्श लिया था। उन्होंने कहा कि जंतर मंतर भारतीय जनता का है और इस संबंध में किसी भी तरह का अनुमति के बिना निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए।
दास ने प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए कहा कि सरकार की यह नीति लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जिस तरह सरकार जंतर मंतर को हटा रही है, उसी तरह आने वाले समय में भारत के लोकतांत्रिक चरित्र को भी नुकसान पहुंच सकता है।
सीजेपी का आरोप है कि यह निर्णय सत्ता में मौजूद नेतृत्व के विरोधी विचारों को दबाने का प्रयास है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि वह इस कदम को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं करेगा और इसके खिलाफ अपना विरोध दर्ज करेगा।