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ओरेकल ने विवादास्पद डेटा सेंटर परियोजना में 'दुर्घटनावश परिस्थिति' का दावा किया
प्रौद्योद्योगिकी कंपनी ओरेकल ने अपनी विवादास्पद प्रोजेक्ट जुपिटर डेटा सेंटर परियोजना में भुगतान संबंधी दायित्वों से बचने के लिए 'फोर्स मेजियर' (अपरिहार्य परिस्थिति) का हवाला दिया है। यह कदम सुझाता है कि कंपनी 2028 तक परियोजना के शुरू न होने की स्थिति में भुगतान में देरी करना चाहती है।
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ओरेकल कॉर्पोरेशन ने अपनी विवादास्पद प्रोजेक्ट जुपिटर डेटा सेंटर परियोजना से जुड़े भुगतान दायित्वों को निलंबित करने के लिए कानूनी सुरक्षा का उपयोग करने का प्रयास किया है। 'फोर्स मेजियर' के सिद्धांत का आश्रय लेते हुए, कंपनी तर्क दे रही है कि यदि अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण डेटा सेंटर समय पर ऑनलाइन नहीं आ सकता है तो इसके लिए वह उत्तरदायी नहीं होगी।
यह रणनीति ओरेकल के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह मुख्य किरायेदार के रूप में स्थल को पूरी तरह छोड़ने के बजाय एक विकल्प प्रदान करती है। परियोजना को 2028 तक चालू होने की योजना है, लेकिन इसके आसपास का विवाद विभिन्न कारणों से सामने आया है।
डेटा सेंटर परियोजना दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा निवेश का हिस्सा है। ओरेकल का यह कदम उस क्षेत्र में तकनीकी निवेश से संबंधित जोखिम और अनिश्चितताओं को रेखांकित करता है।
हालांकि, 'फोर्स मेजियर' दावों का उपयोग ठेकेदार और भागीदारों के बीच विवाद का कारण बन सकता है। यह मामला नियामक निरीक्षण और कानूनी चुनौतियों का सामना कर सकता है, जहां सभी पक्षों की जिम्मेदारियों और दायित्वों को स्पष्ट करना होगा।