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संतरे के अपशिष्ट से घना जंगल: कोस्टारिका का सफल प्रयोग

कोस्टारिका में 1998 में संतरे के छिलकों और गूदे का एक असामान्य प्रयोग किया गया था, जिसका परिणाम 16 साल बाद चौंकाने वाला रहा। क्षतिग्रस्त चरागाह पर डाले गए 12,000 टन अपशिष्ट से घना जंगल विकसित हुआ।

LSN India · 24 August 2026

संतरे के अपशिष्ट से घना जंगल: कोस्टारिका का सफल प्रयोग

वर्ष 1998 में कोस्टारिका के शोधकर्ताओं ने एक अभूतपूर्व वन पुनरुद्धार परियोजना शुरू की थी। इसके तहत लगभग 12,000 मीट्रिक टन संतरे के छिलके और गूदे को एक क्षतिग्रस्त चरागाह पर फैलाया गया। यह प्रयोग यह जानने के लिए किया गया था कि कृषि अपशिष्ट पारिस्थितिकी तंत्र के पुनरुद्धार में कितनी भूमिका निभा सकते हैं।

सोलह साल बाद किए गए अध्ययन से पता चला कि यह प्रयोग अत्यंत सफल रहा। संतरे के अपशिष्ट से आवृत्त क्षेत्र में एक सघन वन का विकास हुआ। मिट्टी की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखा गया और वनस्पतियों की विविधता में भी वृद्धि हुई।

शोधकर्ताओं के अनुसार, इस साइट पर भूमि के ऊपर बायोमास में 176 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यह आंकड़ा वन पुनरुद्धार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

यह अध्ययन यह दर्शाता है कि कृषि उद्योग से निकलने वाले अपशिष्ट को पुनः उपयोग करके पर्यावरण को काफी हद तक पुनः जीवंत किया जा सकता है। इस विधि को अन्य देशों में भी लागू किया जा सकता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां कृषि आधारित उद्योग महत्वपूर्ण हैं।