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नेपाल की जलविद्युत परियोजनाओं में 500 से अधिक मजदूर लापता
नेपाल के बाढ़ प्रभावित रसुवा और नुवाकोट जिलों में नौ जलविद्युत परियोजनाओं में 537 मजदूर और कर्मचारी अभी भी लापता हैं। बचाव दल कीचड़ और मलबे से भरी सुरंगों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए गहन प्रयास कर रहे हैं।
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नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जलविद्युत परियोजनाओं पर हजारों मजदूरों की खतरनाक स्थिति बनी हुई है। 26 अगस्त को आई भीषण बाढ़ के बाद नौ परियोजनाओं में कुल 898 मजदूर और कर्मचारी संपर्क में नहीं रहे। इनमें से 361 को बचा लिया गया है, लेकिन 537 अभी भी अपता हैं, जैसा कि स्वतंत्र विद्युत उत्पादक संघ (आईपीपीएएन) ने बताया है।
बचाव अभियान में कई बाधाएं आ रही हैं। सुरंगों के प्रवेश द्वार पर कीचड़ और मलबा जमा हो गया है, बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ है, और कठिन भूभाग तथा प्रतिकूल मौसम के कारण बचाव कार्य में देरी हो रही है। सबसे गंभीर स्थिति रसुवा जिले की 216 मेगावाट की अप्पर त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में है, जहां 300 लोग परियोजना की सुरंग में फंसे हुए माने जा रहे हैं।
नेपाली अधिकारियों ने इस आपातकालीन स्थिति में भारत, चीन और अन्य देशों से विशेष सहायता मांगी है। विदेशी विशेषज्ञ और उन्नत बचाव उपकरण मंगवाए जा रहे हैं ताकि सुरंगों में फंसे लोगों तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके। बचाव दल दिन-रात परिश्रम कर रहे हैं, लेकिन प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण प्रगति धीमी है।