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ओडिशा के ग्रामीण कार्यों में फोटोग्राफिक साक्ष्य की कमी: ड्राफ्ट ऑडिट
ओडिशा के ग्रामीण विकास कार्यों में पारदर्शिता की कमी का संकेत मिल रहा है। एक ड्राफ्ट ऑडिट रिपोर्ट में पाया गया है कि आधे से अधिक परियोजनाओं के पास कोई फोटोग्राफिक प्रमाण नहीं है।
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ओडिशा के ग्रामीण क्षेत्रों में कराए गए कार्यों की निगरानी को लेकर एक ड्राफ्ट ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर खामियां सामने आई हैं। ऑडिट में 2019 से 2026 के दौरान 25,038 कार्यों का विश्लेषण किया गया था।
रिपोर्ट के अनुसार, इन परियोजनाओं में से 13,083 कार्य (52.25 प्रतिशत) के पास कोई भी फोटोग्राफिक साक्ष्य नहीं है। यह स्थिति विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत निष्पादित कार्यों के दस्तावेजीकरण में भारी कमी को दर्शाती है। फोटोग्राफिक साक्ष्य परियोजना की गुणवत्ता और सम्पूर्णता को सत्यापित करने के लिए आवश्यक होते हैं।
यह खोज ग्रामीण विकास कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही में महत्वपूर्ण अंतराल को उजागर करती है। ऑडिट में पाई गई इस कमी से सार्वजनिक संसाधनों के उपयोग पर सवाल उठते हैं।
प्रशासनिक नियमों के अनुसार, ग्रामीण विकास परियोजनाओं का उचित फोटोग्राफिक दस्तावेजीकरण अनिवार्य है। इस ड्राफ्ट ऑडिट रिपोर्ट के निष्कर्षों से राज्य सरकार को अपनी निगरानी प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता प्रदर्शित होती है।