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कर्ज संकट से जूझते पाकिस्तान को UN मंच की अध्यक्षता
पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने बैंकॉक में संयुक्त राष्ट्र समर्थित कर्ज लेने वाले देशों के मंच की कमान संभाली है। हालांकि, यह भूमिका पाकिस्तान के बढ़ते कर्ज बोझ को कम नहीं करेगी।
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पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने 12 अक्टूबर को बैंकॉक में एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के समर्थन से गठित कर्ज लेने वाले देशों के एक अंतरराष्ट्रीय मंच की अध्यक्षता ग्रहण की है। यह मंच विकासशील देशों को कर्ज प्रबंधन और वित्तीय नीतियों पर सलाह प्रदान करता है।
यह नियुक्ति पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय क्षेत्र में भूमिका को दर्शाती है। हालांकि, विश्लेषकों का मानना है कि इस पद ने पाकिस्तान के स्वयं के कर्ज संकट को हल नहीं किया है। देश लगातार IMF और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से आर्थिक सहायता के लिए मांग कर रहा है।
पाकिस्तान का विदेशी कर्ज पिछले कई वर्षों में लगातार बढ़ रहा है। देश अपनी वित्तीय स्थिरता के लिए बाहरी सहायता पर निर्भर है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय मंच की अध्यक्षता उसकी वित्तीय कठिनाइयों को सीधे तौर पर कम नहीं करेगी।
इस अंतरराष्ट्रीय मंच का उद्देश्य विकासशील देशों के बीच कर्ज प्रबंधन के बारे में अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करना है। भले ही पाकिस्तान ने नेतृत्व की भूमिका ग्रहण की है, लेकिन इससे उसके बकाया कर्ज में कोई कमी नहीं आएगी और न ही कर्ज चुकाने में किसी तरह की विशेष छूट मिलेगी।