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पाकिस्तान में नौकरशाहों का पलायन, सेना का बढ़ता प्रभाव चिंताजनक
पाकिस्तानी राजनेता खवाजा असिफ ने सरकारी अधिकारियों के विदेश जाने की प्रवृत्ति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। वह सेना के बढ़ते प्रभाव को इस परिघटना का मुख्य कारण मान रहे हैं।
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पाकिस्तान में सरकारी नौकरशाहों के बड़े पैमाने पर विदेश जाने की प्रवृत्ति को लेकर राजनीतिक हलकों में चिंता गहरी हो गई है। राष्ट्रीय राजनीति के दिग्गज खवाजा असिफ ने इस 'नौकरशाही पलायन' को राष्ट्रीय संकट के रूप में चिह्नित किया है और इसके पीछे सेना के बढ़ते प्रभाव को जिम्मेदार माना है।
असिफ ने एक तीव्र सवाल उठाया है कि क्या ये अधिकारी पाकिस्तान को अपनी भविष्य का स्थायी केंद्र मानते हैं या फिर यह देश उनके लिए मात्र एक अस्थायी पड़ाव है। उन्होंने यह पूछा है कि क्या इन नौकरशाहों का आचरण संदेह और अविश्वास के ऊपर उठता है, या फिर वे केवल विदेश जाने के लिए रास्ते में ठहरे हुए हैं।
राजनेता का मानना है कि सेना के राजनीतिक मामलों में हस्तक्षेप ने सिविल प्रशासन की स्वायत्तता को कमजोर किया है। इसी कारण योग्य और अनुभवी अधिकारी बेहतर अवसरों की तलाश में विदेश का रुख कर रहे हैं, जिससे पाकिस्तान की प्रशासनिक क्षमता प्रभावित हो रही है।
यह मुद्दा पाकिस्तान के राजनीतिक और संस्थागत संकट की गहरी समस्या को दर्शाता है, जहां नागरिक संस्थाओं की कमजोरी और सैन्य प्रभाव का संयोजन देश के सामर्थ्य को प्रश्नचिह्न के घेरे में ला दिया है।