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खैबर पख्तूनख्वा में 200 साल पुराने राम लीला मंदिर को सरकारी सुरक्षा में लिया गया

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में एक ऐतिहासिक मंदिर को व्यावसायिक विकास के लिए ध्वस्त किए जाने की योजना के विरुद्ध व्यापक विरोध के बाद प्रशासन ने हस्तक्षेप किया है। स्थानीय हिंदू समुदाय और सिविल सोसायटी के दबाव में मंदिर को संरक्षित किया गया है।

LSN India · 18 October 2026

खैबर पख्तूनख्वा में 200 साल पुराने राम लीला मंदिर को सरकारी सुरक्षा में लिया गया

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में लगभग दो सदी पुराने राम लीला मंदिर को व्यावसायिक प्लाजा में तब्दील करने की योजना को लेकर तीव्र विवाद उठ खड़ा हुआ है। स्थानीय हिंदू समुदाय और सिविल सोसायटी के संगठनों द्वारा मंदिर के विध्वंस के विरुद्ध जोरदार विरोध किए जाने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए इस पूजा स्थल को सरकारी नियंत्रण में ले लिया है।

एथनिक टौरिज्म प्रमोशन बोर्ड (ETPB) ने इस ऐतिहासिक मंदिर को औपचारिक रूप से सील कर दिया है ताकि इसे किसी भी प्रकार के अनुचित उपयोग से संरक्षित किया जा सके। यह कदम सांप्रदायिक सद्भावना बनाए रखने और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

स्थानीय धार्मिक नेताओं और अधिकार समूहों के अनुसार, यह प्राचीन मंदिर क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मंदिर को व्यावसायिक परियोजना में परिवर्तित करने का प्रस्ताव सीधे तौर पर धार्मिक स्वतंत्रता और अल्पसंख्यक अधिकारों के मुद्दे से जुड़ा हुआ है।

प्रशासनिक कार्रवाई से यह संकेत मिलता है कि पाकिस्तान सरकार धार्मिक और ऐतिहासिक संरचनाओं की सुरक्षा के प्रति सचेत है। आने वाले समय में मंदिर के भविष्य के बारे में सरकारी निकाय और स्थानीय समुदाय के बीच और विस्तृत चर्चा होने की संभावना है।