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पापांकुशा एकादशी: भद्रा में सीमित मुहूर्त में ही करें पूजा
22 अक्टूबर को पापांकुशा एकादशी के दिन भद्रा रहेगी जो सुबह 6:26 से दोपहर 2:47 तक प्रभावी होगी। इसी अवधि में पूजा-अर्चना के लिए मुहूर्त सीमित रहेगा।
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22 अक्टूबर को आने वाली पापांकुशा एकादशी के दिन भद्रा का योग बना रहेगा, जिससे भक्तों को पूजा के लिए सावधानी बरतनी होगी। खगोल गणना के अनुसार, भद्रा का समय सुबह 6 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर दोपहर 2 बजकर 47 मिनट तक रहेगा। इस समय अवधि को पूजन के लिए अशुभ माना जाता है।
धार्मिक परंपरा के अनुसार, भद्रा के दौरान किए गए धार्मिक कार्यों को फलदायी नहीं माना जाता है। इसलिए भक्तों को चाहिए कि दोपहर 2:47 के बाद ही एकादशी की पूजा और व्रत संबंधी कार्यों को संपन्न करें। भद्रा का प्रभाव पृथ्वी लोक तक सीमित रहने के कारण इसे विशेष महत्व दिया जाता है।
इसके अलावा, 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक पंचक का काल रहेगा। पंचक अवधि में भी किसी भी शुभ कार्य को स्थगित रखने की परंपरा है। इस कारण भक्तों को इन दोनों ही अशुभ योगों से बचकर अपनी धार्मिक गतिविधियों को संपन्न करना चाहिए।