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पैराग्वे के पूर्व राष्ट्रपति को महाभियोग के बाद गृह नजरबंदी में रखा गया
पैराग्वे के पूर्व राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को शुक्रवार को संसद द्वारा महाभियोग के तुरंत बाद गृह नजरबंदी में रखा गया। यह कदम देश में चल रहे राजनीतिक और वित्तीय संकट के बीच उठाया गया है।
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पैराग्वे की अधिकारियों ने पूर्व राष्ट्रपति सैंटियागो पेना को शुक्रवार को गृह नजरबंदी के तहत रखने का आदेश दिया। यह निर्णय संसद द्वारा उनके महाभियोग के कुछ घंटों बाद लिया गया। पेना को गिरफ्तारी से पहले ही देश भर में राजनीतिक अस्थिरता का सामना करना पड़ रहा था।
पेना के महाभियोग का कारण देश में एक व्यापक राजनीतिक और वित्तीय संकट है। इस संकट की शुरुआत डिजिटल क्षेत्र से संबंधित एक बड़े पतन के बाद हुई है, जिसने पैराग्वे की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है। संसद के सदस्यों का मानना है कि पेना की सरकार इस संकट को संभालने में विफल रही है।
यह कार्रवाई पैराग्वे में राजनीतिक अस्थिरता के एक लंबे दौर का हिस्सा है। सरकारी तंत्र में व्यापक सुधार की मांग को लेकर जनता और राजनेताओं में मतभेद बने हुए हैं। पेना की गृह नजरबंदी देश में संविधानिक संकट की गंभीरता को दर्शाती है।
आने वाले समय में पेना के खिलाफ और भी कानूनी कार्रवाई की संभावना है। इस बीच, पैराग्वे की राजनीति में अस्थिरता बनी हुई है और देश के आर्थिक संकट का समाधान अभी दूर दिखाई दे रहा है।