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शिक्षार्थियों के सीखने के अंतराल को पाटने के लिए पाराख ने कक्षा हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखा

राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (पाराख) ने 2024 के सर्वेक्षण में पाए गए सीखने के अंतराल को दूर करने के लिए कक्षा स्तर पर हस्तक्षेप का सुझाव दिया है। प्रारंभिक कक्षाओं में खेल-आधारित साक्षरता और संख्यात्मक कौशल तथा अवधारणा-आधारित गणित पर जोर दिया जा रहा है।

LSN India · 21 October 2026

शिक्षार्थियों के सीखने के अंतराल को पाटने के लिए पाराख ने कक्षा हस्तक्षेप का प्रस्ताव रखा

राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (पाराख) ने देश भर के स्कूलों में शिक्षार्थियों के मध्य व्याप्त सीखने के अंतराल को दूर करने के लिए व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किए हैं। इन सिफारिशों का आधार 2024 के सर्वेक्षण में उजागर किए गए शैक्षणिक चुनौतियां हैं।

पाराख की प्रस्तावित रणनीति प्रारंभिक चरण में खेल-आधारित शिक्षा पद्धति पर केंद्रित है। इस दृष्टिकोण के अंतर्गत साक्षरता और संख्यात्मक कौशल को खेल तथा इंटरैक्टिव गतिविधियों के माध्यम से सिखाए जाने की अनुशंसा की गई है ताकि बच्चों की मूलभूत क्षमताएं बेहतर हो सकें।

इसके अलावा, पाराख ने उच्च कक्षाओं में अवधारणा-आधारित गणित शिक्षा पर विशेष बल दिया है। यह पद्धति रटंत प्रणाली से हटकर गणितीय अवधारणाओं की गहन समझ विकसित करने पर जोर देती है।

शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, ये हस्तक्षेप छात्र-छात्राओं को मजबूत शैक्षणिक नींव प्रदान कर सकते हैं और भविष्य में बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन सुनिश्चित कर सकते हैं। देश के विभिन्न राज्यों में इन सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया शीघ्र ही शुरू होने की संभावना है।