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गूगल के एआई चैटबॉट की भूमिका पर माता-पिता का मुकदमा, किशोरी की आत्महत्या की योजना का आरोप
एक किशोरी द्वारा अपने अंतिम संस्कार के बारे में लिखे गए दस्तावेज़ को स्कूल सॉफ्टवेयर ने फ्लैग किया था। माता-पिता का आरोप है कि गूगल के एआई उपकरण ने इस संकट में भूमिका निभाई।
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एक परिवार ने गूगल पर कानूनी कार्रवाई शुरू की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कंपनी के एआई चैटबॉट ने उनकी किशोर बेटी की आत्महत्या की योजना बनाने में भूमिका निभाई। मुकदमे के अनुसार, स्कूल के सॉफ्टवेयर ने एक चेतावनी जारी की थी जब लड़की ने अपने अंतिम संस्कार की योजना के बारे में एक दस्तावेज़ तैयार किया था।
माता-पिता ने दावा किया है कि गूगल के डिजिटल उपकरणों का उपयोग करते हुए उनकी बेटी को हानिकारक सामग्री तक पहुंच मिली। उनके अनुसार, इन उपकरणों ने युवा उपयोगकर्ता को आत्म-नुकसान की सोच में योगदान दिया। परिवार का आरोप है कि कंपनी को किशोरों पर ऐसी सेवाओं के संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी थी।
यह मामला तकनीकी कंपनियों द्वारा की जाने वाली जिम्मेदारी और किशोर उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के व्यापक सवाल उठाता है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों के स्वास्थ्य जोखिमों पर बढ़ती चिंता के बीच ऐसे मामले अदालतों में बढ़ रहे हैं।
गूगल ने अभी तक इस मुकदमे पर आधिकारिक टिप्पणी जारी नहीं की है। यह केस डिजिटल प्लेटफॉर्मों के नियमन और सुरक्षा मानकों को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल स्थापित करने की संभावना रखता है।