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परिवर्तिनी एकादशी 22 या 23 सितंबर को, जानें पारण का सही समय
भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी माना जाता है। इस व्रत को पद्मा एकादशी और जयंती एकादशी के नाम से भी जाना जाता है।
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परिवर्तिनी एकादशी 2026 में 22 या 23 सितंबर को मनाई जाएगी। भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को परिवर्तिनी एकादशी कहा जाता है, जिसे पद्मा एकादशी और जयंती एकादशी के नामों से भी संबोधित किया जाता है। हिंदू परंपरा में इस दिन का विशेष महत्व माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, परिवर्तिनी एकादशी का व्रत रखने वाले व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। इस दिन व्रत और पूजा करने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है तथा जीवन में सुख और समृद्धि का आगमन होता है।
पौराणिक विश्वास के अनुसार, जो लोग इस एकादशी का व्रत पूर्ण श्रद्धा और नियम के साथ रखते हैं, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है। व्रत को सफल मानने के लिए उचित समय पर पारण करना आवश्यक माना जाता है। भक्त इस दिन को आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का अवसर मानते हैं।