LSN News › India

Politics · India Bureau

अनुसूचित जाति आजीविका योजना में केवल 17 प्रतिशत धन का उपयोग

पीएम-अजय अनुदान योजना के लिए आवंटित 920 करोड़ रुपये में से 2025-26 में केवल एक-पांचवां हिस्सा खर्च किया गया है। संसदीय पैनल ने योजना के कार्यान्वयन में गंभीर खामियों का संकेत दिया है।

LSN India · 1 September 2026

अनुसूचित जाति कल्याण के लिए प्रधानमंत्री द्वारा संचालित आजीविका योजना में तेजी लाने की जरूरत है। संसदीय समिति ने आगाह किया है कि 920 करोड़ रुपये के बजट में से वर्तमान वर्ष में केवल 17 प्रतिशत राशि का उपयोग हुआ है। यह कम व्यय दर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गंभीर प्रश्न उठाता है।

समिति की रिपोर्ट में पाया गया है कि धन का उपयोग न होना केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय की कमी का संकेत है। आजीविका योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदाय को स्वरोजगार और कौशल विकास के अवसर प्रदान करना है। लेकिन क्षेत्रीय स्तर पर आवश्यक बुनियादी ढांचा और जागरूकता कार्यक्रमों की कमी इसके सुचारू संचालन में बाधा बन रही है।

योजना के तहत विभिन्न आय सृजन गतिविधियों और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए धनराशि आवंटित की गई थी। लेकिन राज्यों द्वारा प्रस्तावों की धीमी गति से प्रक्रिया इस बड़े अंतराल का मुख्य कारण बताया जा रहा है। समिति ने सुझाव दिया है कि सरकार को कार्यान्वयन में तेजी लाने के लिए तंत्र सुदृढ़ करना चाहिए।

इस विफलता से पात्र लाभार्थियों को लंबे समय से स्थगित आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही है। सरकार से अपेक्षा की जा रही है कि वह शीघ्र ही कार्य योजना तैयार करे और राज्यों को सहायता प्रदान करके इस योजना को गति दे। समिति ने सभी हितधारकों को निर्धारित समय में लक्ष्य पूरा करने के लिए जवाबदेही सुनिश्चित करने की सिफारिश की है।