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FCRA बिल पर JPC में हितधारकों का कोई सार्थक परामर्श नहीं: वेणुगोपाल
कांग्रेस नेता के.सी. वेणुगोपाल ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम संशोधन विधेयक पर संसदीय समिति की प्रक्रिया को लेकर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा है कि महत्वपूर्ण हितधारकों से कोई सार्थक विचार-विमर्श नहीं किया गया है।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल ने बुधवार को संसद की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) द्वारा विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम संशोधन विधेयक पर की जा रही कार्यवाही की आलोचना की है। वेणुगोपाल का कहना है कि समिति ने इस महत्वपूर्ण कानून को लेकर जनहित में काम करने वाले संगठनों, अधिकार कार्यकर्ताओं और अन्य प्रमुख हितधारकों से कोई सार्थक परामर्श नहीं लिया है।
विदेशी धन प्राप्ति को नियंत्रित करने वाले इस विधेयक के प्रावधानों को लेकर विभिन्न नागरिक समाज संगठनों में चिंता व्यक्त की गई है। वेणुगोपाल के अनुसार, समिति की प्रक्रिया पारदर्शी और समावेशी नहीं रही है, जिससे कानून निर्माण की लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
कांग्रेस नेता ने आग्रह किया है कि जेपीसी को अपनी कार्यवाही में विस्तार करते हुए सभी संबंधित पक्षों से विस्तृत सुनवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण कानून को अंतिम रूप देने से पहले समाज के विभिन्न वर्गों की राय लेना आवश्यक है।
यह विधेयक गैर-सरकारी संगठनों और दाता संगठनों के कामकाज को प्रभावित करने वाला माना जा रहा है। कई मानवाधिकार संगठनों ने इसके कुछ प्रावधानों पर चिंता जताई है कि कहीं ये नागरिक समाज की कार्यप्रणाली में बाधा न बन जाएं।