LSN News › India

Politics · India Bureau

अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति में देरी पर सात राज्यों के मुख्य सचिवों के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव

संसदीय लोक लेखा समिति ने सात राज्यों के मुख्य सचिवों के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है, जिन्होंने अनुसूचित जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति वितरण में देरी पर महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने से इनकार किया था।

LSN India · 16 October 2026

अनुसूचित जाति छात्रवृत्ति में देरी पर सात राज्यों के मुख्य सचिवों के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव

संसदीय लोक लेखा समिति (पीएसी) ने गुरुवार को सर्वसम्मति से सात राज्यों के मुख्य सचिवों के विरुद्ध विशेषाधिकार प्रस्ताव लाने का निर्णय लिया है। समिति के अध्यक्ष केसी वेणुगोपाल ने कहा कि ये अधिकारी प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति वितरण में आने वाली देरी पर चर्चा के लिए आयोजित बैठक में शामिल नहीं हुए।

वेणुगोपाल ने अनुसूचित जाति के छात्रों को छात्रवृत्ति देने में होने वाली देरी को "चिंताजनक" बताया है। उन्होंने केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय की कमी को "गंभीर समस्या" करार दिया है और कहा है कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।

लोक लेखा समिति ने मुख्य सचिवों की अनुपस्थिति को संसद की गरिमा और अधिकारों के विरुद्ध माना है। समिति का मानना है कि राज्य प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों का बैठक में शामिल होना आवश्यक था ताकि छात्रवृत्ति वितरण से संबंधित मुद्दों पर प्रत्यक्ष रूप से चर्चा की जा सके।

इस विशेषाधिकार प्रस्ताव के माध्यम से समिति उन राज्यों को संसद के समक्ष जवाबदेही के लिए लाना चाहती है। छात्रवृत्ति योजनाओं में देरी से हजारों अनुसूचित जाति के छात्र प्रभावित हो रहे हैं और समिति का कहना है कि इस समस्या का तुरंत समाधान किया जाना चाहिए।