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परीक्षा के दिन रैलियों पर रोक लगाने की सिफारिश: संसद पैनल
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में सुधार के लिए संसदीय समिति ने परामर्श दिया है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दिन जिला प्रशासन किसी भी रैली, जुलूस या सार्वजनिक सभा की अनुमति न दें। इससे परिवहन व्यवस्था सुचारू रहेगी और परीक्षार्थियों पर बाहरी असर नहीं पड़ेगा।
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संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी स्थायी समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के सुधार पर अपनी रिपोर्ट राज्य सभा के सभापति को शुक्रवार को सौंपी। समिति के अध्यक्ष राज्य सभा सदस्य मुकुल वसनिक ने सुझाव दिया है कि महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं के दिन जिला प्रशासन को किसी भी प्रकार की रैली, जुलूस या सार्वजनिक समागम की अनुमति नहीं देनी चाहिए।
समिति का मानना है कि परीक्षा के दिन सार्वजनिक रैलियां, जुलूस या बड़े पैमाने पर भीड़ जमा होने से परीक्षार्थियों को देरी हो सकती है और वे अपनी रिपोर्टिंग समय पर नहीं पहुंच सकते। इससे यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को भी चुनौती का सामना करना पड़ता है। समिति का सुझाव है कि प्रशासन को परीक्षा दिवसों की पूर्व घोषणा कर परिवहन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।
यह सिफारिश नीट पेपर लीक को लेकर हुए विवाद और एनटीए की प्रशासनिक खामियों के बाद आई है। इन घटनाओं से देश भर में छात्रों का विरोध प्रदर्शन हुआ था, जिसके बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था।