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निर्धारित स्थान पर प्रदर्शन शांति भंग नहीं: अशुतोष रंका
दिल्ली पुलिस पर आरोप है कि वह हिरासत के दौरान बिना जब्ती मेमो जारी किए प्रदर्शनकारियों के फोन जब्त कर रही है। सीजेपी के सौरव दास ने चेतावनी दी है कि इससे डिवाइस हैक या क्लोन होने का खतरा है।
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दिल्ली में नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं के साथ हुई घटना को लेकर विवाद बढ़ गया है। अशुतोष रंका का कहना है कि निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर किया गया शांतिपूर्ण प्रदर्शन कानूनी अधिकार है और इसे शांति भंग नहीं माना जा सकता।
सिविल जस्टिस पार्टनरशिप (सीजेपी) के प्रवक्ता सौरव दास ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि पुलिस हिरासत के दौरान प्रदर्शनकारियों के मोबाइल फोन जब्त कर रही है। दास के अनुसार, यह कार्रवाई बिना किसी जब्ती मेमोरेंडम के की जा रही है, जो मानक प्रक्रिया का उल्लंघन है।
इस प्रथा से जुड़ी सबसे बड़ी चिंता यह है कि जब्त किए गए उपकरणों के हैक या क्लोन होने का खतरा हो सकता है। सीजेपी का मानना है कि उचित दस्तावेज के बिना फोन जब्त करना नागरिकों की गोपनीयता का उल्लंघन है और कानूनी दायरे से बाहर है।
यह मामला डिजिटल अधिकार और पुलिस प्रक्रियाओं की पारदर्शिता को लेकर बड़े सवाल उठाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में पुलिस को निर्धारित नियमों का कड़ाई से पालन करना चाहिए।