World · India Bureau
कर्मचारी मूल्यांकन से छंटनी: प्रदर्शन आधारित नौकरी कटौती की रणनीति
भारतीय कंपनियों में कर्मचारी मूल्यांकन प्रक्रिया को अक्सर संगठनात्मक पुनर्गठन का बहाना बनाया जा रहा है। प्रदर्शन-केंद्रित दृष्टिकोण के नाम पर बड़ी संख्या में नियमित कर्मचारियों को हटाया जा रहा है।
LSN India ·

कई बहुराष्ट्रीय कंपनियां और भारतीय उद्योग वार्षिक मूल्यांकन को कर्मचारी संख्या में कटौती के लिए एक उपकरण के रूप में उपयोग कर रहे हैं। इस प्रणाली में सर्वोच्च प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को उच्च रेटिंग दी जाती है, जबकि मध्यम या कम रेटिंग वाले कर्मचारियों को संगठन से बाहर निकाला जाता है। यह रणनीति प्रदर्शन-आधारित छंटनी के रूप में जानी जाती है।
इस पद्धति के समर्थकों का तर्क है कि यह कार्यबल को बेहतर बनाता है और उत्पादकता में वृद्धि करता है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि यह प्रणाली मनमानी हो सकती है और कर्मचारियों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल बनाती है। मूल्यांकन प्रक्रिया में व्यक्तिपरक निर्णय, ऊपरी प्रबंधन के पूर्वाग्रह और राजनीतिक कारक भी शामिल हो सकते हैं।
श्रम कानून विशेषज्ञों के अनुसार, प्रदर्शन-आधारित छंटनी भारतीय श्रम कानून के तहत वैध माने जाते हैं यदि कंपनी उचित दस्तावेजीकरण और न्यायसंगत प्रक्रिया का पालन करती है। फिर भी, कई कर्मचारी संगठन इस प्रथा को अनुचित और श्रमिक अधिकारों के विरुद्ध मानते हैं।
तकनीकी और सेवा क्षेत्र में इस तरह की छंटनी का प्रवृद्धि देखा जा रहा है, जहां कंपनियां आर्थिक मंदी या व्यावसायिक पुनर्गठन के बहाने कार्यबल में कटौती कर रही हैं। कर्मचारी अधिकार कार्यकर्ता इस प्रणाली में स्वच्छता और पारदर्शिता लाने की मांग कर रहे हैं।