World · India Bureau
व्यक्तिगत ऋण बाजार में तेजी, बैंक और NBFC बढ़ा रहे वितरण
यूबीएस की रिपोर्ट के अनुसार भारत में असुरक्षित ऋण के नए विकास चक्र में व्यक्तिगत ऋण सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। बैंकों के अलावा गैर-बैंकीय वित्तीय संस्थान भी इस क्षेत्र में सक्रियता से ऋण वितरण बढ़ा रहे हैं।
LSN India ·

भारतीय ऋण बाजार में व्यक्तिगत ऋण खंड तेजी से विस्तार पा रहा है, जहां परंपरागत बैंकों के साथ-साथ गैर-बैंकीय वित्तीय कंपनियां (NBFC) भी आक्रामक रूप से ऋण वितरण कर रही हैं। इस प्रवृत्ति से ऋण लेने के इच्छुक आवेदकों को अधिक विकल्प और प्रतिस्पर्धी दरें मिल रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग विश्लेषणों के अनुसार, असुरक्षित ऋणों के आगामी विकास चक्र में व्यक्तिगत ऋण सबसे बड़ा चालक साबित होंगे। वर्तमान में भारतीय वित्तीय प्रणाली में पर्याप्त तरलता विद्यमान है, जो ऋण वितरण की क्षमता को बल प्रदान कर सकती है।
तथापि, उधारकर्ताओं के लिए दी जाने वाली ब्याज दरें केवल तरलता पर ही निर्भर नहीं करेंगी। मुद्रास्फीति की प्रवृत्ति, केंद्रीय बैंक की नीतिगत दरें, और समग्र आर्थिक परिस्थितियां भी ऋण दरों को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण कारक होंगी।
विश्लेषकों का मानना है कि प्रतिस्पर्धा बढ़ने से उपभोक्ताओं को अधिक लचीली शर्तों पर ऋण मिल सकेंगे, लेकिन वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण दरें पूरी तरह से नियंत्रित नहीं रह सकतीं।