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दान कार्य को क्षमता विकास पर ध्यान देना चाहिए: प्रीति अदानी

प्रीति अदानी का मानना है कि महिला सशक्तिकरण के लिए केवल कार्यक्रम चलाना काफी नहीं है। दीर्घकालिक सामाजिक परिवर्तन के लिए संस्थागत क्षमता का निर्माण जरूरी है।

LSN India · 25 August 2026

महिला कल्याण और सामाजिक विकास के क्षेत्र में काम करने वाली प्रीति अदानी का मानना है कि परोपकारी संस्थाओं को अपना ध्यान केवल कार्यक्रम संचालित करने के बजाय समाज की मूलभूत क्षमता विकास पर केंद्रित करना चाहिए।

ड्राक्टर अदानी के अनुसार, लाखों महिलाओं के लिए आजादी महज एक अमूर्त विचार नहीं है। यह पसंद की स्वतंत्रता, अवसर की स्वतंत्रता और सामाजिक गतिशीलता की स्वतंत्रता जैसी वास्तविक चीजों का संयोजन है।

उनके विचार से परोपकारी कार्यों का वास्तविक उद्देश्य अल्पकालीन समाधान प्रदान करना नहीं बल्कि समुदायों में दीर्घकालिक संस्थागत सुधार लाना होना चाहिए। इससे लाभार्थी समुदाय स्वयं को सशक्त करने की क्षमता विकसित कर सकते हैं।

प्रीति अदानी का यह दृष्टिकोण परोपकार के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बहस को रेखांकित करता है, जहां स्थायित्व और आत्मनिर्भरता को तत्काल राहत प्रदान करने जितना ही महत्वपूर्ण माना जाता है।