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न्यूजीलैंड में पाइन वृक्षारोपण से जलप्रवाह में 30% तक गिरावट
न्यूजीलैंड के वाइकाटो क्षेत्र में किए गए एक नए अध्ययन से पता चला है कि पाइन वनों के विस्तार से स्ट्रीमफ्लो में उल्लेखनीय कमी आ रही है। यह निष्कर्ष क्षेत्र के जल संसाधन प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है।
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वाइकाटो बेसिन में हाल के अनुसंधान से संकेत मिला है कि व्यावसायिक पाइन वृक्षारोपण परियोजनाओं के कारण जलधारा का प्रवाह पिछले दशकों में उल्लेखनीय रूप से प्रभावित हुआ है। वैज्ञानिकों के अध्ययन के अनुसार, पाइन वनों के विस्तार वाले क्षेत्रों में जलप्रवाह में 30 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।
इस घटना के पीछे मुख्य कारण यह है कि पाइन के पेड़ मिट्टी से अधिक मात्रा में जल अवशोषित करते हैं, जिससे भूजल पुनर्भरण में कमी होती है। यह प्रक्रिया क्षेत्रीय जल चक्र को गंभीरता से प्रभावित कर रही है और स्थानीय जल संसाधनों पर दबाव बढ़ा रही है।
न्यूजीलैंड के पर्यावरण और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने इस खोज को गंभीरता से लिया है। वाइकाटो क्षेत्र में जल की उपलब्धता कृषि, औद्योगिक उपयोग और पेयजल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है।
शोधकर्ताओं का सुझाव है कि भविष्य में वनारोपण नीतियों को तैयार करते समय पर्यावरणीय प्रभावों का विस्तृत विश्लेषण किया जाना चाहिए। इसके साथ ही, जल प्रबंधन और वनों के बीच संतुलन बनाने के लिए अधिक शोध की आवश्यकता है।