LSN News › India

World · India Bureau

पितृपक्ष में महिलाओं के लिए पारंपरिक नियम और सावधानियां

पितृपक्ष 2026 में 26 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलने वाला है। इस पवित्र अवधि में घर की महिलाओं को कई पारंपरिक नियमों का पालन करना चाहिए।

LSN India · 4 October 2026

पितृपक्ष में महिलाओं के लिए पारंपरिक नियम और सावधानियां

हिंदू परंपरा में पितृपक्ष को पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए विशेष महत्व दिया जाता है। इस काल में श्राद्ध और तर्पण जैसे धार्मिक कर्मकांड संपन्न किए जाते हैं। माना जाता है कि इन 15 दिनों में परिवार की महिलाओं द्वारा की जाने वाली भक्ति और समर्पन की भावना विशेष महत्व रखती है।

पितृपक्ष में घर की महिलाओं को संध्या के बाद झाड़ू लगाने से बचना चाहिए। इसके अलावा, पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में नए कपड़ों की खरीदारी, विवाह या शुभ कार्यों का आयोजन करना अशुभ माना जाता है। घर में नकारात्मकता को दूर रखने के लिए घर को स्वच्छ रखना भी आवश्यक है।

धार्मिक विद्वान इस अवधि में घर की महिलाओं को सात्विक भोजन करने, ध्यान और मंत्र जाप में रत रहने की सलाह देते हैं। इसके अलावा, परिवार के सभी सदस्यों को एक-दूसरे के प्रति करुणा और सद्भावना बनाए रखने की शिक्षा दी जाती है। माना जाता है कि पितृपक्ष में की गई भक्ति और समर्पन की भावना परिवार में सुख और शांति लाती है।