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27 सितंबर से शुरू होगा पितृ पक्ष, 10 अक्टूबर को समाप्त
इस वर्ष पितृ पक्ष 27 सितंबर को शुरू होकर 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ समाप्त होगा। श्राद्ध के दौरान तर्पण और पूजा की सभी महत्वपूर्ण तिथियां जान लें।
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हिंदू पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष का पखवाड़ा इस साल 27 सितंबर को प्रारंभ होगा। यह शुभ काल 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के दिन समाप्त होगा। इस 14 दिनों की अवधि को श्राद्ध पक्ष के नाम से भी जाना जाता है, जब माना जाता है कि पूर्वजों की आत्माएं पृथ्वी पर आती हैं।
पितृ पक्ष के दौरान परिवार के सदस्यों की मृत्यु की तिथि के अनुसार तर्पण और श्राद्ध कर्म संपन्न किए जाते हैं। घी, चावल, जौ और तिल का उपयोग करके जल और दूध से तर्पण किया जाता है। पारंपरिक मान्यता के अनुसार इस अवधि में किए गए श्राद्ध कर्म से पूर्वजों को मुक्ति मिलती है।
धार्मिक विधान के अनुसार सर्वपितृ अमावस्या को समस्त पूर्वजों का श्राद्ध किया जाता है। इस दिन को वर्ष के सबसे महत्वपूर्ण श्राद्ध दिवसों में माना जाता है। धार्मिक कार्य सूर्योदय और दोपहर के बीच संपन्न करना अधिक शुभ माना जाता है।
श्राद्ध कर्मों के दौरान शुद्धता और संकल्प का विशेष महत्व होता है। परिवार के सदस्यों को इस पखवाड़े के दौरान देशज और परंपरागत रीति-रिवाजों का पालन करना चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह लेकर व्यक्तिगत श्राद्ध की तिथि निर्धारित करना सुनिश्चित करें।