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पुनः वन्यजीवन योजना से कृषि भूमि पर पादप विविधता चौगुनी बढ़ी

एक अग्रणी पुनः वन्यजीवन पहल ने पूर्व कृषि भूमि पर पादप विविधता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाई है। मात्र तीन वर्षों में पौधों की प्रजातियों में चौगुनी बढ़ोतरी हुई है।

LSN India · 10 September 2026

पुनः वन्यजीवन योजना से कृषि भूमि पर पादप विविधता चौगुनी बढ़ी

पश्चिम क्षेत्र की एक महत्वाकांक्षी पुनः वन्यजीवन योजना ने प्रकृति के पुनरुद्धार की असाधारण क्षमता का प्रदर्शन किया है। पूर्व में खेती के लिए उपयोग में आने वाली भूमि पर पादप विविधता में तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है, जिसमें पौधों की प्रजातियों की संख्या मात्र तीन वर्षों में लगभग दोगुनी हो गई है।

इस रूपांतरण में चराने वाले पशुओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन जानवरों के कारण पारिस्थितिकी तंत्र की संरचना में सुधार हुआ और पौधों की प्रजातियों में चौगुनी वृद्धि देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिवर्तन न केवल वनस्पति के विकास तक सीमित है।

वनस्पति में इस तेजी से वृद्धि के परिणामस्वरूप स्थानीय कीट और पक्षी आबादी के लिए भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल रहे हैं। पुनः वन्यजीवन के माध्यम से भूमि के कायाकल्प की यह सफलता पारिस्थितिकी संरक्षण के पारंपरिक तरीकों के लिए एक नया आयाम जोड़ता है। यह परियोजना आने वाले समय में कृषि भूमि को प्राकृतिक वासस्थान में बदलने की संभावनाओं को दर्शाती है।