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भारत को लोकतंत्र की माता कहते हैं: मीडिया विविधता और खुली बहसें- मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में एक कार्यक्रम में भारत को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध देश बताया। उन्होंने मीडिया की विविधता और विभिन्न विचारधाराओं के लिए खुली बहस को भारतीय लोकतंत्र की शक्ति के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
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दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को लोकतंत्र की जन्मदात्री के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि भारत विविध विचारों को स्वीकार करने के लिए प्रतिबद्ध है और यही इसकी ताकत है।
मोदी ने मीडिया की विविधता को भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल आधार बताया। उन्होंने रेखांकित किया कि देश में विभिन्न दृष्टिकोण और विचारधाराओं को प्रकाशित करने के लिए एक मजबूत मीडिया तंत्र मौजूद है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है।
प्रधानमंत्री के अनुसार, खुली और ईमानदार बहस-मुबाहिसे की परंपरा भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर विभिन्न विचारों की अभिव्यक्ति भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूती देती है। यह स्वतंत्र विचार और अभिव्यक्ति की परंपरा ही भारत को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्रों में से एक बनाती है।
मोदी ने जोर दिया कि भारत में विभिन्न राजनीतिक विचारों, धार्मिक मान्यताओं और सामाजिक दृष्टिकोणों को सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह बहुलवादी दृष्टिकोण भारत के लोकतांत्रिक ढांचे की नींव है और इसी कारण भारत को वैश्विक स्तर पर लोकतंत्र के प्रतीक के रूप में माना जाता है।