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शिक्षकों को दिशा-निर्देश: नशीली दवाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाएं, बच्चों की स्क्रीन टाइम कम करें
शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों में रचनात्मकता को प्रोत्साहित करें और नशा-निरोधक जागरूकता अभियान चलाएं। पीएम ने स्कूलों को ऐसी गतिविधियां आयोजित करने का आह्वान किया जो बच्चों की प्रतिभा विकसित करने में मदद करें।
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शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री ने शिक्षा जगत को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षकों को युवा पीढ़ी में नशीली दवाओं के खतरों के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्कूलों को एक व्यापक प्रयास के तहत बच्चों के बीच नशा-निरोधक अभियान चलाना चाहिए।
प्रधानमंत्री का मानना है कि डिजिटल उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से बच्चों के समग्र विकास पर असर पड़ रहा है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों की स्क्रीन टाइम को कम करने के लिए प्रभावी उपाय करें और उन्हें अन्य गतिविधियों की ओर प्रेरित करें।
पीएम ने शिक्षा संस्थानों से विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां और कार्यक्रम आयोजित करने का आह्वान किया जो बच्चों की छिपी हुई प्रतिभा को निखारने में सहायक हो सकें। उन्होंने कहा कि यदि बच्चों को समुचित मार्गदर्शन और रचनात्मक मंच दिए जाएं तो वे अपनी संपूर्ण क्षमता का विकास कर सकते हैं।
शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वे न केवल शैक्षणिक ज्ञान देने वाले बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आधुनिक चुनौतियों से निपटने के लिए शिक्षा प्रणाली को लचीला और व्यापक दृष्टिकोण अपनाना होगा।