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चीन से दूरी बढ़ाते हुए पोलैंड भारत की ओर बढ़ रहा है
पोलैंड और भारत ने अपने द्विपक्षीय व्यापार को 6 अरब डॉलर से बढ़ाकर 10 अरब डॉलर करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वारसॉ चीन के साथ अपनी साझेदारी में आई खटास के कारण अपनी रणनीतिक भागीदारियों में विविधता लाने की कोशिश कर रहा है।
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पोलैंड और भारत ने अपने पारस्परिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। दोनों देश अपने द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 6 अरब डॉलर से बढ़ाकर 10 अरब डॉलर तक ले जाने की योजना बना रहे हैं। यह विस्तार भारत के साथ वारसॉ के बढ़ते सामरिक संबंधों को दर्शाता है।
पिछले वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों में महत्वपूर्ण मोड़ आया। इसी दौरान भारत और पोलैंड के बीच संबंधों को 'रणनीतिक भागीदारी' के स्तर तक उन्नत किया गया। यह कदम दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों को खोलने का प्रयास है।
पोलैंड की भारत की ओर रुख में बदलाव चीन के साथ इसके संबंधों में उत्पन्न तनाव से जुड़ा है। व्यापार असंतुलन और रूस के प्रति बीजिंग के समर्थन ने वारसॉ को चीन से दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यूरोपीय राष्ट्र अपने अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के दायरे को विस्तृत करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इस नीति परिवर्तन से पूर्वी यूरोप और दक्षिण एशिया के बीच राजनीतिक और आर्थिक संबंधों में एक नए युग की शुरुआत होने की संभावना है। भारत के लिए यह विकसित देशों के साथ अपनी वैश्विक स्थिति को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकता है।